चाय की खेती के प्रोसेसिंग पर दे रही है 25% की सबसिडी

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चाय की खेती

बिहार सरकार :कृषि विभाग द्वारा राज्य को चाय की खेती प्रोसेसिंग के माध्यम से ‘टी हब’ बनाने की योजना है। जिसके लिये किसान एवं व्यक्तिगत निवेशकों और किसान उत्पादक संगठनों को 25% अनुदान मिल रहा है।बिहार सरकार अब राज्य को चाय के केंद्र बिंदू यानी ‘टी हब’ के रूप में स्थापित करने पर काम कर रही है। इसके लिये राज्य के किसानों को चाय की खेती पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

चाय की खेती पर सब्सिडी योजना के नियमों के मुताबिक, इस खरीफ सीजन में राज्य के जिन किसानों ने चाय के नये पौधों की रोपाई की है, उन्हें 50% सब्सिडी यानी अधिकतम 2 लाख 47 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। चाय के बागानों के लिये बिहार सरकार ने 4 लाख 94 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की अधिकतम इकाई लागत निर्धारित की है।

जब भी चाय के बागानों की बात होती है तो दार्जलिंग और नीलगिरी पहाड़ियों में चाय के बागानों की तस्वीर दिमाग में छप जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार अब चाय के बागानों से नया दार्जलिंग बन चुका है। बिहार के किशनगंज को ही ‘बिहार के दार्जलिंग’ की उपाधि मिली है। यहां करीब 15,000 एकड़ जमीन पर चाय के बागन है, जिससे क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

पिछले दिनों बिहार सरकार ने चाय की खेती के लिये किसानों को आर्थिक अनुदान देने की पहल की थी। अब इसी कड़ी में बिहार कृषि विभाग की ओर से राज्य में चाय के प्रसंस्करण इकाई यानी चाय का प्रोसेसिंग बिजनेस बढ़ाने की बात की जा रही है।इसके लिये बिहार की सरकार राज्य के किसानों, व्यक्तिगत निवेशकों और किसान उत्पादक संगठनों को 25% तक अनुदान दे रही है। अगर किसान इस योजना का लाभ लेकर चाय की खेती के साथ-साथ प्रोसेसिंग करेंगे तो आर्थिक स्थिति तो मजबूत होगी ही, साथ ही दूसरे किसानों के लिये भी रोजगार के रास्ते खुलेंगे।

चाय की प्रोसेसिंग पर सब्सिडी बिहार कृषि विभाग, बागवानी निदेशालय द्वारा बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत चाय की प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिये राज्य के किसानों को पूंजीगत अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत चाय की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिये राज्य के किसानों और व्यक्तिगत निवेशकों को कुल इकाई लागत पर 15% तक आर्थिक अनुदान दिया जायेगा।
वहीं राज्य के किसान उत्पादक संगठन (FPO/FPC) को चाय की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिये इकाई लागत पर 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है।