कितने अखबार वाले को “गुमशुदा की तलाश” के नाम से विज्ञापन देते होंगे!!

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इस व्यक्ति को ध्यान से देखें!!
इस वक्त सिकोरना नूर टोला में है।
बोल चाल नहीं करते करते !
ग्रामीणों ने खाने को भोजन दिये!!
भोजन ग्रहण कर अभी आराम से बैठे हैं ।
लोगों की भीड़ देखा तो भीड़ की कारण जानने पहुंचे तो ये सारी जानकारियां मिली!!
ये व्यक्ति जिस किसी परिवार का सदस्य होगा वह कितने परेशान होंगे!!
कितने अखबार वाले को “गुमशुदा की तलाश” के नाम से विज्ञापन देते होंगे!!
स्टेशन व बस अड्डे रेल डिब्बे व बस के पीछे विज्ञापन चिपकाते होंगे!!!
मा बाप अपने बेटे के लिए दिन रात रोते होंगे ।
भाई बहन अपने भाई के लिए रोते होंगें।
शादी हुई होगी तो स्त्री बेचारी कितनी रोती होगी।
बाल बच्चे दार हो तो आवलाद कितने गमजदा व परिशान होंगे ।
इस लिए इंकलाब मीडिया आप से अपील करती है कि इस तसवीर को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर इस व्यक्ति को उनके परिवार से मिलने के लिए मदद करें।
इंकलाब मीडिया इस तस्वीर की सिर्फ़ इतना पुष्टि करती है कि ये एक अनजान व्यक्ति सिकोरना नूर टोला में है एक जगह से दूसरी जगह जाते रहते हैं !!!
इस व्यक्ति की अंदरूनी मंशा से इंकलाब मीडिया वाकिफ नहीं है।