जनता जानना चाहती है कि डबल इंजन की सरकार क्या कुछ कर सकती है!!??

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बाहर फंसे लोगों को घर पहुंचा दे, मजदूर दिवस का बेहतरीन तोहफा

लाकडाउन 3.0 की घोषणा हो चुका है। और अब तक बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार व सुशील मोदी को ज़रा भी फर्क नहीं पड़ा कि बिहार के लोगों के लिए कुछ क्या जाए!
आप ने राहत के नाम पर किया क्या !!!
एक एक हजार रुपए बिहार से बाहर फंसे व्यक्ति को दिया ।
उस एक हजार रुपए से क्या करें!???
रूम किराया दे!!?
पानी खरीद कर पीएं!!??
गैस सिलेंडर खरीदें!!??
राशन खरीद लें!!??
साबुन, सर्फ, तेल खरीद लें!!??
एक हजार रुपए से जनता क्या करे!!??
आखिर जनता भूखे पेट ताला बंदी का पालन कैसे करे!!!???
जनता ताला बंदी से कम भूख से ज्यादा मरने लगे!!??
क्या कहती है डबल इंजन की सरकार!!??
हम दुसरे राज्य में फंसे लोगों को लाने में असमर्थ हैं!!
सुने हैं डबल इंजन की गाड़ी बड़ी तेज चलती है!! पर ये क्या!!?? ये तो चल ही नहीं रही है!??
आपके लिए दुसरे राज्यों से बिहारियों को लाना मुश्किल है!!
बिहार में फैक्ट्री लगाना मुश्किल !!
चीनी मिल चालू करना मुश्किल !!
जूट मिल लगाना मुश्किल!!
युवा को रोजगार देना मुश्किल है!!
शिक्षकों का वेतन बढ़ाना मुश्किल !!
नए शिक्षकों की बहाली करना मुश्किल !!
साफ सुथरा परिक्षा करना मुश्किल!!
बाढ़ पर काबू करना मुश्किल !!
बाढ़ से बचाव करना मुश्किल !!
चमकी बुखार का इलाज मुश्किल!!
छात्रों को घर लाना मुश्किल !!
मजदूरों को परमिशन देना मुश्किल है!!
अपराध रोक पाना मुश्किल !!
शराब बिक्री रोकना मुश्किल !!
शिक्षा को सुधारना मुश्किल !!
डॉक्टरों की सुरक्षा करना मुश्किल है!!
घूसखोरी रोकना मुश्किल !!
कमिसनखोरी रोकना मुश्किल !!
जब आपके लिए हर कार्य करना मुश्किल ही है 15 साल से सत्ता लेकर क्यों बैठे हैं !!??
अगर ज़रा सी भी शर्म होती तो चुल्लू भर पानी में नाक डूबो कर मर जाते!! पर है तो बेशर्म!! सत्ता के भोगी!! लालची!!
डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी सारे काम आज भी वैसे ही है तो डेढ़ दशक के शासन में फिर आप ने किए क्या है !!
ज़रा तेज़ बारिश हो जाए तो पटना जैसे शहरों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिस की जिम्मेदारी आप लालू पर थोप देते हैं । पंद्रह साल से आप ने सुधारा क्यों नहीं!!??
जनता जानना चाहती है कि आप कर क्या सकते हैं!!!??
बस
मानव श्रृंखला लगा सकते हैं।
मृत्यु पर दु:ख व्यक्त कर सकते हैं।
जनता को धोखा दे सकते हैं।
शिक्षा व्यवस्था बर्बाद कर सकते हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद कर सकते हैं।
अभी भी समय है स्पेशल ट्रेन ,बस, हवाई जहाज चला कर मानव पूंजी को बचानएंं!! बिहार की अर्थ की रीढ़ की हड्डी है बिहार के मजदूर जो दुसरे राज्यों से कमा कर बिहार को देते हैं!!
यूपी, झारखंड व दुसरे राज्यों के मुख्य मंत्री मानव पूंजी को बचाने में लगे हैं आप को भी बचाने चाहिए ।
प्लीज़ मानवता की लाज रख लें।
धन्यवाद

लेखक:सद्दाम रिफ-अत : टी जी टी सामाजिक विज्ञान, मानू माडल स्कूल हैदराबाद