Home राष्ट्रीय सस्ता व कम ब्याज दर पर लोन दिलाने के झांसे में फंसाकर...

सस्ता व कम ब्याज दर पर लोन दिलाने के झांसे में फंसाकर ठगने वाले 21 आरोपितों को साइबर पुलिस ने किया गिरफ्तार

loan scam

आरोपि लोन के झांसे में वाट्सएप काल पर हैकिंग के माध्यम से लोगों की तस्वीर, कान्टेक्ट नंबर समेत निजी जानकारी चोरी करके ब्लैकमेल करने का काम करते थे। पैसे देने से इनकार करने वालों की अश्लील तस्वीरें व वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी भी देते थे।इन शातिरों से पुलिस ने 17.31 लाख कैश, नौ लैपटाप, 41 मोबाइल, एक कंप्यूटर समेत चाइना का नागरिक वान चैंग को भी गिरफ्तार किया है। चाइना के इस शख्स का एक्सपायर पासपोर्ट भी जब्त किया है। इस गैंग के दिल्ली, नोएडा, झारखंड, बिहार और राजस्थान में कुल 60 सदस्य शामिल हैं।

इस मामले में चंडीगढ़ के अरविंद की शिकायत पर टीम गठित कर कार्रवाई की गई । अरविंद ने बताया कि उनके मोबाइल पर लोन के लिए एसएमएस के माध्यम से एक लिंक आया था। लिंक पर क्लिक करने पर ह्यूगो लोन एप्लिकेशन इंस्टाल हो गया। उसने ह्यूगो एप पर लोन के लिए डिटेल भर दी। एप पर 3500 रुपये लोन लेने की लिमिट शो हो रही थी। उसने एप अनस्टाल कर दिया।
इसके बाद उसे अलग-अलग नंबरों से वाट्सएप काल से धमकी मिलने लगी। आरोपितों ने उसे उसके परिवार की अश्लील तस्वीरें भी भेजकर ब्लैकमेल किया। डर से अरविंद ने आरोपियो को 24 अगस्त 2022 को 2045 रुपये और 30 अगस्त को 3500 रुपये भेज दिए। इसके बावजूद धमकी मिलने पर पुलिस में शिकायत दी।

पांच राज्यों से 21 अपराधियों की गिरफ्तारी

बिहार के ओम प्रकाश झा,बिहार के विकास मेहतो राजस्थान के अलवर निवासी अजरुन सेन, लेख राज वैरवा, नोएडा के अंशुल कुमार, रांची झारखंड के परवेज आलम उर्फ सोनू बड़ाना उर्फ जीतू बड़ाना, चाइना के वान चेंघुआ, दिल्ली के मनीश राय, संदीप, हरियाणा के तिवाड़ी निवासी ज्ञानदीप, अशीष कुमार तनवर, वेस्ट दिल्ली के दीपक चंद, सौरभ झा, न्यू दिल्ली के हेमंत कुमार, साउथ वेस्ट दिल्ली के मनविंदर राघव, यूपी के नीरज सिंह,गोंडा यूपी के मंजीत कुमार, उड़ीसा के उत्तम मलिक, यूपी के अशीष मिश्र, नोएडा के राजेश कुमार, गाजियाबाद यूपी के राजीव कुमार की गिरफ्तारी हुई हैं।

पुलिस के अनुसार तत्काल लोन के आवेदन चीनी लोगों की तरफ से चाइना के सर्वर से चलाया जाता है। ये चीनी लोग भारत में नौकरी के जरूरतमंद लोगों को लुभाकर उन्हें काल सेंटर की नौकरियों के रूप में एक अच्छे वेतन पर अपने
पास नियुक्ती करते थे। यहां तक उन्हें ट्रेनिंग देने का काम चीनी मूल के लोग करते थे। उन्हें लोगों को ठगने, ब्लैकमेल करने और पैसे ट्रांसफर करवाने की ट्रेनिंग दी जाती थी।

Exit mobile version